ब्लॉग का नाम रजिस्टर कैसे करें
ब्लॉग का नाम रजिस्टर (Domain Name Registration). जैसे हम सभी का कुछ ना कुछ नाम होता है और उस नाम से ही हमारी पहचान होती हैं. उसी तरह से हमें अपने ब्लॉग या वेबसाइट का नाम रखना होता है. जिससे कि उसकी पहचान हो सके.
जब हमारा नाम रखा जाता है तो उसके लिए हमें बर्थ सर्टिफिकेट बनाना होता है. जिससे सरकारी तौर पर हमारी पहचान हो जाती है और वह बर्थ सर्टिफिकेट ही हमारा जन्म का प्रमाण होता है. इसी तरह से हमें अपने ब्लॉग या वेबसाइट का भी रजिस्ट्रेशन करवाना होता है जिससे कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यह डोमेन उस आदमी का है और उसने इस डोमेन को उस तारीख में रजिस्टर किया है.
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| Source - Pixabay |
ब्लॉग का नाम
ब्लॉग का नाम रखना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है. जैसा कि मैंने आपको पहले भी बताया ब्लॉग का नाम ही उसकी पहचान होती है. तो जब भी आप अपने ब्लॉग का नाम रखें तो सोच समझ कर रखें.
आप जिस भी विषय पर ब्लॉगिंग करना चाहते हैं उस से मिलता जुलता डोमेन नेम रजिस्टर करें. जिससे कि विजिटर्स समझ सकें आपके ब्लॉग में किस प्रकार की जानकारी उनको मिल सकती है.
जैसे: NetGet.in, eHowHindi.com, AboutHindi.com, AlphaComputer.in, MyLoanInsurance.ooo आदि.
डोमेन रजिस्ट्रेशन ही एकमात्र प्रमाण है कि वह डोमेन आपका है. और आप उस डोमेन के मालिक हैं आप जब तक चाहें उस डोमेन को चला सकते हैं और जब चाहे उस डोमेन को छोड़ सकते हैं. हर डोमेन नेम को कम से कम 1 साल के लिए रजिस्टर्ड किया जाता है, और आप चाहे तो उस डोमेन को 2, 3, 5 व 10 साल के लिए भी रजिस्टर कर सकते हैं. अधिक से अधिक आप अपने डोमेन नेम को 10 साल के लिए ही रजिस्टर्ड कर सकते हैं.
डोमेन नेम Extension
डोमेन नेम एक्सटेंशन, यानी कि नाम के साथ जोड़ने वाला Dot (.) के बाद का भाग. डोमेन नेम एक्सटेंशन कई प्रकार के होते हैं. जैसे की टॉप लेवल डोमेन नेम एक्सटेंशन, कंट्री लेबल डोमेन नेम एक्सटेंशन. फ्री डोमेन नेम एक्सटेंशन, बिजनेस डोमेन नेम एक्सटेंशन आदि.
टॉप लेवल डोमेन नेम एक्सटेंशन (gTLD): .com, .org, .net, .info आदि.
कंट्री लेबल डोमेन नेम एक्सटेंशन (ccTLD): .in, .us, .ch, .cn, .ru आदि.
फ्री डोमेन नेम एक्सटेंशन: .tk, .ga, .cf, .gq, .ml आदि.
बिजनेस डोमेन नेम एक्सटेंशन: .blog, .tech, .club, .design, .academy, .agency आदि.
हर डोमेन नेम एक्सटेंशन की अलग अलग कीमत होती है, जब भी आप कोई डोमेन रजिस्टर करने जाएं तो यह सुनिश्चित कर लें कि उसकी रजिस्ट्रेशन के समय क्या कीमत है और रिन्यू करते समय कितनी कीमत देनी पड़ेगी. बहुत सारे डोमेन रजिस्ट्रार पहली बार डोमेन रजिस्ट्रेशन करने में कुछ ऑफर देते हैं और कम कीमत में डोमेन रजिस्ट्रेशन हो जाता है लेकिन उसका रिन्यू करते समय का मूल्य ज्यादा होता है.
ब्लॉग नेम जनरेटर
ब्लॉग का नाम रखना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है क्योंकि करोड़ों डोमेन नेम पहले से ही रजिस्टर हो चुके हैं और हर दिन लाखों रजिस्टर होते हैं. कई बार जो ब्लॉग का नाम हमें पसंद आता है वह पहले से ही रजिस्टर्ड हो रखा होता है इसलिए हमें अपने ब्लॉग के नाम में कुछ फेरबदल करने की जरूरत होती है.
डोमेन नेम में फेरबदल करना ही डोमेन नेम जनरेटर टूल्स का काम होता है. मान लीजिए कि आपको अपने डोमेन का नाम ABC रखना है, मगर वह नाम तो पहले से ही रजिस्टर्ड हो रखा है तो आप ABC डोमेन नेम के आगे या पीछे कोई शब्द जोड़कर चेक कर सकते हैं कि क्या वह डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध है या नहीं है.
डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन करते वक्त किन बातों का ध्यान रखें
जब भी आप डोमेन रजिस्ट्रेशन करें उस समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है.आपकी एक गलती के कारण आपका पैसा बर्बाद हो सकता है. और हो सकता है कि जिस डोमेन को अपने रजिस्टर किया है वह आपको बाद में पसंद ही ना आए, या वह डोमेन नेम आपके ब्लॉग के हिसाब से सही ना हो.
जैसे कि:
- आपके ब्लॉग के विषय के आधार पर ही आप अपने ब्लॉग का नाम रखें.
- ब्लॉग का नाम कम से कम शब्दों का रखें.
- ब्लॉग के नाम का उच्चारण आसानी से हो सके.
- ब्लॉग के नाम की स्पेलिंग आसान हो जिससे कि कोई भी इस ब्लॉग को ढूंढ सकें.
- ब्लॉग के नाम के बीच में - का इस्तेमाल ना करें.
- ब्लॉग के नाम में अंको (2,5,6) का इस्तेमाल करना अच्छा नहीं माना जाता है.
- ऐसा डोमेन नेम रखें की जो आसानी से याद रखा जाए, और बोलने में भी अच्छा लगे.
- कोशिश करें कि टॉप लेवल डोमेन ही रजिस्टर्ड करें.
- डोमेन नेम खरीदने से पहले उस की स्पेलिंग जरूर चेक करें, कि वह सही है या नहीं.
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में मैंने आपको डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन करने के बारे में पूर्ण जानकारी दी है. मैं आप को बताना चाहूंगा कि जब भी आप अपने ब्लॉग का नाम रखें तो वह आपके ब्लॉग के विषय से मिलता हो. कम से कम अक्षरों का डोमेन नेम रजिस्टर करें. आसानी से याद रखने व लिखने वाला नाम ही रखें. हो सके तो टॉप लेवल डोमेन नेम ही रजिस्टर करें, अवेलेबल ना हो तो कंट्री लेबल डोमेन नेम भी रजिस्टर कर सकते हैं.
मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया होगा कि अपने ब्लॉग का रजिस्ट्रेशन करते समय हमें किन किन बातों का ध्यान रखना है, और कौन सा ब्लॉग का नाम हमारे ब्लॉग के लिए सही है. इसके बावजूद भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल लिखें.
